Smt. Ramdulari Memorial P.G. Mahavidyalaya

Sarai, Kanpur Dehat, Uttar Pradesh, India

Affiliated to: Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University, Kanpur
Dayanand Girl's P.G. College affiliated to csjmu kanpur

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College's Rules

Dayanand Girls’ Postgraduate College is,

  महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय सूचनाएँ :

1. विश्व विद्यालय के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्र/ छात्रा की उपस्थिति 75 प्रतिशत होनी चाहिए l कम होने पर परीक्षा से वंचित किया जा सकता है l विशेष परिस्थितियों में कुलपति महोदय द्वारा 60 प्रतिशत उपस्थिति होने पर परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान कर सकते हैं l
2. कोई भी छात्र/छात्रा पान, पान मसाला, पाउच तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट व अन्य नशीली वस्तुओं के महाविद्यालय परिसर में न तो लायेगा और न ही प्रयोग करेगा l
3. अनुशासन हीन तथा नशीली वस्तुओं के प्रयोक्ता छात्र/ छात्रायें निष्कासित कर सकते हैं l
4. समस्त वार्षिक शुल्क प्रवेश के समय देय होंगे l
5. परिचय पत्र साथ में रखना होगा l बिना परिचय पत्र के महाविद्यालय में प्रवेश वर्जित है l
6. कोई भी छात्र या छात्रा मोबाइल फोन लेकर महाविद्यालय में नहीं आएगा l यदि वह लाता है तो उसे कार्यालय में जमा कर लिया जायेगा l
7. कोई भी छात्र / छात्रा अपने साथ किसी वाह्य असम्बद्ध क्यक्ति को महाविद्यालय/ कक्षाओं में नहीं लायेगा l
8. साईकिल / मोटर साईकिल को महाविद्यालय द्वारा निर्धारित स्थान पर ही ताला लगाकर रखें l यदि बिना ताला की साईकिल रखी जाती है और चोरी हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी स्वंय छात्र/ छात्रा की होगी l
9. कक्षाओं के उपरान्त ही 2 बजे से खेलकूद सम्भव हो पाएंगे l
10. छात्रायें खाली पीरियड में पुस्तकालय / कामन रूम में बैठकर अध्ययन करें l
11. पुस्तकालय से पुस्तकें निर्गत कराने के लिए लाईब्रेरी कार्ड बनवाना आवश्यक है तभी पुस्तकें दी जा सकती हैं l
12. पुस्तकलय की पुस्तक केवल 15 दिन के लिए निर्गत की जाती है l अधिक दिन तक रखने पर एक रुपया प्रति दिन के हिसाब से अर्थ दंड देय होगा l
13. छात्र/छात्राओं ने जो पढ़ा है उसे घर जाकर दोहराएँ और लिपिबद्ध कर प्रश्न तैयार कर ले l अगले दिन पढाये जाने वाले विषय का अध्ययन कर महाविद्यालय आवें l
14. महाविद्यालय को सरस्वती निकेतन अथवा शांति निकेतन की संज्ञा दी जाती है l अतः छात्र/छात्रायें शांति पूर्वक अपना अध्ययन पूर्णकर, खेलते कूदते प्रसन्न चित अपने अपने घर को प्रस्थान करें l
15. महाविद्यालय में छात्र/छात्राओं के दो ही नाते रिश्ते बहन - भाई हैं तथा गुरु - शिष्य l इन्हीं दोनों का निर्वाह करें l उसी में सबका कल्याण है l